Phone No.: +917905624735,+919794717099

Email: support@kalamanthan.in

Home Gadgets & Technology संवेदना - कैसे करें अनसुना ? वन्य जीवन की पुकार चीड़ का...

संवेदना – कैसे करें अनसुना ? वन्य जीवन की पुकार चीड़ का चचत्कार!

कैसे करें अनसुना ?
वन्य जीवन की पुकार
चीड़ का चचत्कार!

सुलग रहे शिखर
दावानल प्रखर
जंगली गुलाब की
लताओं का बबलखना
पँचियों के उजड़े आशियाने देख
भरपूर फूलों से लदे
कदम्ब का शससकना!

कैसे करें अनदेखा ?
अपनी संवेदनाओं के हर पन्ने पर
अपने ही अक्षर हों ज़रूरी तो नहीं,
हस्ताक्षर तो ज़रूरी ही नहीं,

सब जुटे हैं,
एकजुट हो
सीचित तटबन्ध टूटे हैं,
पानी की बोछारे डालते ही
अबि का दावानल धआुँ उगलता है

अंदर ही अदंर
क्रोचधत हो सलुगता है!
सम्वेदनाएँ सकारात्मक, प्रखर हो
प्रकट हो रही हैं —

कि , तुमने जो उठाये
लताओं से टूटे झुलसे हुए
बिछोरा से भीगे गलुाब,
मेरे हाथों मैं आकर
मेरे महमान हो गए,
तुम्हारे एहसान तले दब गए

Nirmala Singh
Nirmala Singh ji is an accomplished painter and poetess who has been working since last 20 years. Her books have been appreciated by readers and critics alike. Awarded by many prestigious awards, she has an amazing grasp on hindi language and expression.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

No God In A Temple

There is no god in a temple, for I see a rock there. I find him in the blazing hot light And under the breezy moonlit...

लॉक डाउन में तो कमाल हो गया

लॉक डाउन में तो कमाल हो गया जहाँ परिवार में न होती थी आपस में बातें , जोड़ दिया उन सब टूटे ख्याबों को , समय दिया...

हौसला हो यदि बुलंद तो मुश्किल नहीं करेगी तंग

सफलता प्राप्त करने हेतु अनेक मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। राह में अनगिनत बाधाएं आती हैं। मुश्किलें हिम्मत तोड़ना चाहती हैं। मुश्किलों से भयभीत होने की...

Am I different?

  “Hey Shaina, I have been looking for you. Where were you since morning? I didn’t see you in the class too,” questioned Kirti as...

Recent Comments