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बचपन

 

भूली बिसरी प्यारी बातें
लौट आई आज बचपन की यादें

पतंग रंग बिरंगी
अमरूद का पेड़
उछलते कूदते वह नन्हे पैर

पड़ोस से अमरुद चुराना
मम्मी पर शिकायत फिर आना
पापा का झूठ मूठ का गुस्सा

सुबह फिर वही किस्सा
कागज की कश्ती
वह रेस लगाना

बारिश में भीगना
साइकिल चलाना
बुआ का आना

नानी के जाना
स्कूल की सारी बातें
मां को बताना

भूली बिसरी प्यारी बातें
लौट आई आज बचपन की यादें

 

 

 

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कलामंथन भाषा प्रेमियों के लिए एक अनूठा मंच जो लेखक द्वारा  लिखे ब्लॉग ,कहानियों और कविताओं को एक खूबसूरत मंच देता हैं।लेख में लिखे विचार लेखक के निजी हैं और ज़रूरी नहीं की कलामंथन के विचारों की अभिव्यक्ति हो।

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