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लाक डाउन में सकारात्मक अनुभव भी

यह लोकडाउन बहुत कुछ नया लेकर आया है।
कोई डांस सीख रहा है, कोई गाना ,कोई कुकिंग कर रहा है, कोई लूडो खेलना है।
कुछ लोग ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स भी कर रहे हैं। स्कूल भी ऑनलाइन चल रहे हैं ।
सब अपने परिवार के साथ समय व्यतीत कर रहे हैं। इतना समय शायद हमें पहली बार मिला है , शायद आगे इतना समय कभी ना मिले।इन सब चीजों के बीच मेरे अंदर भी बहुत कुछ बदला है ।तरह-तरह की भावनाओं ने जन्म लिया है और कुछ भावनाएं खत्म भी हुई हैं, पर यह सब मुझे बहुत कुछ सिखा गया हैं ।
सबसे पहले मैंने सीखा धैर्य रखना।
वह पहले भी था परंतु यह कुछ अलग तरह का अनुभव हुआ है। बिना हाउसहोल्ड हेल्प के हम इतने दिन निकाल रहे हैं ।ऐसा पहले कभी नहीं हुआ ।यह एक अच्छा अनुभव है। हम धैर्य पूर्वक अपने रोजमर्रा के घरेलू काम खुद कर रहे हैं ।अब हम चेहरे पर मुस्कान लिए सब काम कर रहे है।
दूसरी चीज मैंने सीखी वह है परिस्थिति को स्वीकार करना।
जो कुछ भी दुनिया में घट रहा है ,मतलब कोरोना , इसके आगे हमारा बस नहीं चला । हमने स्वीकार कर लिया घर रहना।खुशी-खुशी घर में लाक डाउन हो गये , ताकि हम और हमारे अपने घर में सुरक्षित रहें।
आजकल सामान की सप्लाई बहुत कम है जो मिल रहा है उसीमें ही गुजारा करना पड़ रहा है ।तो मैंने सीखा कि ना हमें brand चाहिए ना ,हमें मंहगी चीज चाहिए, सिर्फ कुछ सामान में गुजारा हो सकता है।
मैंने कम सामान में गुजारा करना सीख लिया है, ऐसा पहले कभी नहीं हुआ।
इस वक्त सिर्फ हमें अपनों की फिक्र है ।देश की चिंता है कि सब पहले जैसा हो जाएं और सब सुरक्षित रहें । परिस्थिति को स्वीकार कर लिया है।
लाक डाउन के बीच मैंने जानवरों का प्यार, अनुराग भी देखा ।
मेरे घर के बाहर एक छोटा सा कुत्ता हमेशा बैठा रहता था। ना वह मुझे पसंद करता था ,ना मैं उसे पसंद करती थी ।एक दिन लॉक डाउन में मैंने देखा कि वह बहुत कमजोर दिख रहा है ,मैंने उसे रोज खाना देना शुरू कर दिया ।बदले में उसने मुझे बेहद प्यार दिया। अब वह एक घर के बच्चे की तरह है। मैंने उसका अनुराग देखा ।
इससे मुझे एक नई तरीके कीआत्म संतुष्टि मिली जो मैंने पहले कभी महसूस नहीं की ।

एक चीज समझ आई कि हमारे ही अंदर सब कुछ करने की शक्ति है। परिस्थिति को स्वीकार करके अगर हम शांति के साथ अपना काम करेंगे तो सब काम आसानी से हो जाता है।

पहले सुबह की भाग दौड़ से शुरू होती थी ।अब सुबह होती है आराम से चाय के कप के साथ,ॐ के उच्चारण के साथ, कुछ मेडिटेशन के साथ ,जो कहीं ना कहीं बहुत शांति और खुशी देता है।
यह मेरे लिए लाकडाउन में मिला नया अनुभव है।

 

 

 

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2 COMMENTS

  1. बहुत बढ़िया , सकारात्मक रहने की प्रेरणा देता लेख. बढ़िया लेखन

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