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पूर्णमासी की वो रात

पूर्णमासी की रात है लेकिन, घनघोर बारिश ने इस रात को भयानक रूप से काला कर दिया है।

बादल जितना बरस रहे थे, उससे ज्यादा गरज रहे थे। गलियां सड़के सुनसान थी। तूफान इतना तेज था कि लोगो के घरों से कपड़े और दूसरी चीज़े सड़क पर तीव्र गति से उड़ रही थी।
ये चीज़े मिलकर माहौल को और भयानक रूप दे रही थी। लेकिन ऐसी रात में ये कौन था जो सड़क पर बेधड़क चला जा रहा था? कमर झुकी थी लेकिन उसका डील डौल उसे ताकतवर दर्शाने में कोई कसर नही छोड़ रहा था। उसकी आंखें बिजली की चमक से भी तेज चमक रही थीं। वो कुछ सूंघते हुए इधर उधर अपनी गर्दन घुमाता चल रहा था। जिस तरफ वो गर्दन घुमाता वहां की सड़क और बन्द दुकानें भी मानो भय से सिमट जाती। अपने लंबे नाखूनों और दाँतों को बीच-बीच मे रगड़ता वो गुस्से में और भी भयंकर लगता।
एक छोटा सा घर, परिवार में माता पिता और एक बच्ची. बादलों की गरज से बच्ची बार बार सिमट कर पिता के सीने से लग जाती है। माता पिता भी डरे हुए है। पर इस आंधी तूफान से नही। उस दानव से, जिसकी अफवाह पिछले हफ्ते से शहर में काली आंधी की तरह उड़ रही है।

वेयरवुल्फ़!!

लोग कहते है वो इंसानो के टुकड़े कर जिंदा चबा जाता है। कुछ कहते है जो उसे देख ले वो जिंदा बचता ही नही। कई तो देखकर भय से ही मर गए है। सब हैरान है की जब कोई बचता ही नही तो उसके बारे में खबर फैलाई किसने। जो भी हो, पिछले हफ्ते से रात को बाहर निकलने वाले लोगो के गायब होने की घटनाएं अचानक बढ़ गई है। लोग दिन में भी झुंड बनाकर निकलते है। भूखे वेयर वुल्फ़ का क्या भरोसा। बच्ची सामने जलती आग में बार बार दो आंखों के चमकने का दावा करती है। माता पिता इधर-उधर की बातों से बहला रहे है।
तभी दरवाजे पर आवाज होती है। ये दस्तक नही थी। ये दरवाजे को पीटने और धक्का देने की आवाज है।
इस आवाज़ के साथ ही माता पिता के दिल उछल कर हलक में अटक जाते है। ऐसा तो अभी तक नही सुना कि दरवाजा खोल कर शिकार किया हो। पर इस आंधी तूफान में कौन हो सकता है?
“सुनो क्लूनी। बेटी को लेकर नीचे बेसमेंट में चली जाओ”
“नही मैं आपके साथ रहूंगी” क्लूनी ने दृढ़ता से कहा।
“बात मानो मेरी। देखो मेरे पास ये चाकू हैं। मैं सम्भाल लूंगा। हमारी बच्ची भी तुम्हारी जिम्मेदारी है।”
उधर दरवाजे को पीटने और धक्का देने की आवाज़ लगातार बढ़ रही है।
“जाओ क्लूनी। ईश्वर के लिए जाओ।”
जॉर्ज लगभग धक्का देते हुए क्लूनी और मैरी को बेसमेंट की तरफ धकेल देता है।
क्लूनी और मैरी के बेसमेंट की तरफ जाते ही ‘भड़ाक’ की आवाज के साथ दरवाजा खुल जाता है। वो सामने खड़ा है साक्षात मौत का रूप बनकर। जितना सोचा था उससे ज्यादा भयंकर रूप लेकर। पर जॉर्ज जीवन को इतनी आसानी से नही जाने दे सकता, आखिर उसकी पत्नी और बच्ची उसकी जिम्मेदारी है।

वो सामने चौखट पर नथुनों को फुलाए खड़ा था।

उसके बड़े और भद्दे नाखून, दांतों और आंखों के साथ चमक रहे थे। उसके जबड़े से थूक निकल रहा था। पूरे शरीर के बाल बारिश से भीगे हुए। उसने गुर्राते हुए पूरे शरीर को झटका देकर पानी को झाड़ दिया। ऐसा विकराल रूप देख जॉर्ज के शरीर में झुरझुरी दौड़ गई। पर वह कमजोर नही पड़ सकता। लेकिन सामने खड़े शिकारी ने मौका नही दिया।
उसने पूरी सांस भर कर एक छलांग ली और सीधे जॉर्ज के सर को अपने जबड़ो में कस लिया। जॉर्ज ने हांफते हुए, भय से जड़ हुए हाथो के साथ, चाकू से एक नाकाम वार किया। शिकारी हैरान था। किसी मे इतनी भी हिम्मत हो सकती है। वेयर वुल्फ पर बराबरी का हमला? वेयर वुल्फ का क्रोध दुगुना हो गया! उसने हाथ के पंजे को उठा जोर से सर पर वार किया। जॉर्ज को गश आ गया। बेसमेंट से क्लूनी, मैरी को छाती से चिपकाए, सिसकियां और चींखें दबाए, सुबक रही है।
वो जानती है जॉर्ज अब उससे कभी नही मिल पायेगा। कितनी सारी बातें अधूरी रह गई। कितने क्रिसमस, गुड फ्राइडे, शादी, जन्मदिन सब अधूरे रह गए।
जॉर्ज को अपनी खोपड़ी फटने का, हड्डियों के टूटने का अहसास हुआ। वेयर वुल्फ के जबड़े उसके छाती पर गढ़े है।
जॉर्ज को लगा वो विंटर मेले में मैरी को कंधे पर लेकर घूम रहा है। बिस्तर में पत्नी के बराबर में लेटा उसके बाल सहला रहा है, गलियों में वॉक पर निकला है। जॉर्ज को खुद की आवाज़ सुनाई दे रही है पर बहुत दूर से, किसी अंधे कुँए से आती घुटी हुई आवाज़.

‘तड़ाक…चटाक.. कच कच कच..और सब खत्म..

सुबह लोगो मे ख़ौफ़ की एक लहर दौड़ गई। मैरी बार-बार अपने हाव भाव से लोगो को बताने की कोशिश कर रही है।
वो बता रही है कि उसके पापा कितने बहादुर थे, पर उनका चाकू छोटा था और वेयर वुल्फ के नाखून बड़े। क्लूनी लोगो को उसका हुलिया बताते बताते चिड़चिड़ा रही है। आंखों के सामने से भयंकर नजारा हट ही नही रहा।
लोग गुस्से में है, शहर का मेयर कुछ करता क्यों नही? लोग मर रहे है, सुरक्षा का इंतजाम कब किया जाएगा?
बुद्धिजीवियों में सलाह होती है, मेयर के घर पर प्रदर्शन किया जाएगा, सब लोग हथियारों से लैस होकर झुंड में चलेंगे, वेयर वुल्फ कहीं दिखे तो तुरन्त सब लोग हमला कर दे।
मेयर के गेट पर भीड़ जमा है, लोग नारेबाज़ी कर रहे है। मेयर, प्रदर्शन की अगवानी कर रहे गिने चुने लोगो से मिल सकता है, प्रदर्शनकारी एक साथ मिलना चाहते है, आखिर इजाजत मिल गई है। मेयर अपने विशाल हॉल में बड़ी सी चेयर पर बैठ लगातार पैर हिला रहे है।
“कहिए क्या कहना चाहते है आप लोग”?
“क्या आप नही जानते शहर की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है? देखिए इस मासूम बच्ची को! इसके पिता को इसकी आंखों के सामने टुकड़ो में बांट दिया गया। आप सोच भी सकते है कैसा जख्म लगा होगा इसके दिमाग पर”
मेयर बेचैनी से मैरी की तरफ देखता है, नजर घुमा लेता है।
“मैं करता हूं सुरक्षा का इंतजाम। आप लोग जाइये, मेरी तबियत कुछ ठीक नही है।”
अचानक मैरी चिल्लाती है “मम्मी देखो वैसी ही बदबू आ रही है, जिसने पापा को मारा था उसके जैसी।”
क्लूनी सांसो पर और ध्यान दे आसपास की महक को सूंघने की कोशिश करती है। वही बदबूदार जीव की बू है ये पर यहां?
मेयर हड़बड़ा कर चेयर से उठता है, “ठीक है चलिए सब अपने घर जाइए।”
“ये बदबू कहाँ से आ रही है? ये उसी वेयर वुल्फ की बदबू है। इस बू को नही भूल सकती मैं। जॉर्ज के अवशेषों में भी यही बू थी। घर के उस हिस्से में अभी तक ये बू है।”
“सिक्योरिटी सबको बाहर निकालो” मेयर चिल्लाता है।
लेकिन सैकड़ो की भीड़ हथियार लहराती हुई आगे बढ़ती है।
“मेयर क्या छिपा रहे हो हमसे? हटो सामने से।” मेयर को धक्का देती भीड़ क्लूनी और मैरी का अनुसरण करती हुई आगे बढ़ रही है।

मेयर की चेयर के ठीक पीछे एक छोटा सा दरवाजा है, दरवाजे को धक्का देने पर एक बड़ा सा कमरा। कमरे के बिस्तर पर वो अधलेटा पड़ा है। आधा मानव आधा भेड़िया।

एकबारगी लोगो मे सिहरन दौड़ती है पर क्लूनी और मैरी को आगे बढ़ते देख सभी हिम्मत जुटा आगे बढ़ते है। उसने अपना जबड़ा हाथो पर टिकाया है, आंखों में दर्द साफ दिख रहा है। बाजू घायल है, जॉर्ज का दिया घाव उसे दूसरी करवट नही लेने दे रहा। इतनी भीड़ को हथियारों के साथ अपनी तरफ बढ़ते देख वो सहम कर सिकुड़ गया। भीड़ उसे मारने को दौड़ी तो मेयर हाथ जोड़े भीड़ के सामने आ गया।
“माफ कर दो माफ कर दो। वो इस समय वेयरवुल्फ नही है। असहाय और कमजोर है, मेरा बेटा है वो।”
भीड़ की आंखे आश्चर्य से फैल जाती है। मेयर का बेटा जो करीब 3 महीने पहले अचानक गायब हो गया था! वही वेयर वुल्फ है! वो मानव भेड़िया अधलेटी अवस्था मे खिसक के सीधा होता है, एक कराह मुँह से निकलती है, अजीब सी कराह।
“हाँ मेरा बेटा! ये गायब नही हुआ था, खुद गया था जंगल में लाइकॉन्थ्रोपि करने अर्थात मानव भेड़िया यानी वेयर वुल्फ बनने।”
इसने भेड़िये का शिकार कर उसकी खाल को धारण किया। कुछ विशेष मन्त्र अनुष्ठान किए। सच मानिए ये केवल ताकतवर होना चाहता था। इंसानो को मारकर खाना इसका उद्देश्य कतई नही था।”
ये सब सुन भीड़ का गुस्सा कम होने की बजाय बढ़ता जा रहा है। हर किसी की आंखों के सामने घूम रही है अपने पारिवारिक सदस्य की क्षत विक्षत लाश और आज उस सबका कारण सामने असहाय अवस्था मे पड़ा था।
भीड़ चींखने चिल्लाने लगी। मेयर और उसके पुत्र को भर भर कर बद्दुआएं दी जा रही है। मेयर गर्दन झुकाए खड़ा है। वो सामने लेटा अधखुली आंखों से सबको देख रहा है।
अचानक भगदड़ मच जाती है। देखो देखो, मारो मारो का शोर मचता है।
वो जमीन पर चित्त पड़ा अपना जबड़ा जमीन से रगड़ रहा है। सांसे उसका साथ छोड़ रही है। मैरी कमरे के एक कोने में खड़ी भयभीत नजरों से मां को देख रही है।
भीड़ एक जोरदार हुंकार भरती है। क्लूनी कुल्हाड़ी से लगातार वार कर रही है, लगातार, लगातार।
मेयर गश खाकर गिर पड़ता है। वेयर वुल्फ एक तेज सांस भरता है, अपनी आखिरी सांस।

अब उस शहर में पूर्णमासी की रोशनी खुशियां लेकर आती है..भय और मौत का तांडव नही..

Image credit Getty Images

 

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