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हिंदी लेखन प्रतियोगिता

बच्चों में लाएं हिंदी साहित्य का रुझान।पढ़ने व लिखने के लिए प्रोत्साहन का पहला कदम

कलामंथन मंच एक ऐसा नाम है जो समाज के समग्र विकास हेतु पिछले दो वर्षों से सतत प्रयत्नशील है । यह न केवल अपने सदस्यों की साहित्यिक अभिरुचियों को बढ़ावा देता है अपितु उनके लिए समय समय पर लेखन, चित्रकला इत्यादि की कार्यशालाएँ भी आयोजित करता है । इसके साथ ही अनेक सामाजिक समस्याओं को दूर करने के प्रयास में भी कलामंथन मंच की महत्वपूर्ण भूमिका रही है ।

आज के भौतिक युग में युवा पीढ़ी हमारी राष्ट्रभाषा हिन्दी से दूर होती जा रही है । आजकल बच्चों को हिन्दी एक बोझिल विषय लगता है ।

हमारी भावी पीढ़ी में राष्ट्रभाषा हिन्दी के प्रति रुचि जागृत करने के उद्देश्य से कलामंथन ने विभिन्न विद्यालयों में काव्य लेखन तथा कहानी लेखन प्रतियोगिताएँ आयोजित कराने का निर्णय लिया है ।

अत: आपसे अनुरोध है कि कृपया अधिक से अधिक संख्या में बच्चों को प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु प्रेरित व प्रोत्साहित करें ।

प्रतियोगिता तीन वर्गों में विभाजित है

क वर्ग – कक्षा 6 से 8 (कविता अथवा कहानी लेखन /दोनों )

ख वर्ग – कक्षा 9 व 10 (कविता अथवा कहानी लेखन /दोनों )

वर्ग – कक्षा 11 व 12 (कविता अथवा कहानी लेखन /दोनों )

* कविता में निम्नतम आठ पंक्तियाँ (8 lines) और अधिकतम बारह पंक्तियाँ (12 lines) होनी चाहियें, अर्थात् आपकी रचना (8 to 12 lines) की होनी चाहिए ।

* रचना हिन्दी देवनागरी लिपि में ही लिखनी है

* कविता य कहानी मौलिक होनी चाहिए। किसी अन्य लेखक की कविता ये कहानी न भेजें।

* कविता अथवा कहानी भेजने की अंतिम तारीख 31 अगस्त है

* रचना को कलामंथन की वेबसाइट पर अपना प्रोफ़ाइल बना कर अपलोड करें वेबसाइट पर अपना अकाउंट बनाने की प्रक्रिया बेहद सरल है और इसके लिए एक वीडियो मेल में संलग्न है।

* अपलोड करते हुए विषय अथवा सब्जेक्ट में “कलामंथन लेखन प्रतियोगिता – अपने स्कूल का नाम ” अवश्य लिखें।

सभी अध्यापकों से अनुरोध हैं की छात्रों को प्रेरित करें और उनका मार्गदर्शन करें

प्रतियोगिता का एक वर्ग हिंदी शिक्षकों के लिए खास है, जहां वह अपनी लिखित रचना कविता कहानी अथवा लेख हमारी वेबसाइट पर डाल सकते हैं। वेबसाइट पर अपना अकाउंट बनाने की प्रक्रिया बेहद सरल है और इसके लिए एक वीडियो मेल में संलग्न है।

                               

कहते हुए अत्यंत हर्ष होता है की दिल्ली एन सी आर के नामी स्कूलों में से एक खेतान पब्लिक स्कूल ने इस राष्ट्रभाषा जाग्रति अभियान में कलामंथन का सहयोग सहर्ष किया तथा अपने छात्रों को इस ओर प्रेरित भी किया है। प्रधान अध्यापिका श्रीमती सोनिया वर्मा स्वयं छात्रों के सम्पूर्ण विकास एवं भाषा व् संस्कृति के विकास के प्रति जागरूक है और इसी के तहत कलामंथन के इस आयोजन को उनका पूर्ण सहयोग मिला।

अगर आप पठन पाठन क्षेत्र से सम्बन्ध रखते है तो हमसे जुड़िये और राष्ट्रभाषा के साहित्य में आज की युवा पीढ़ी की रूचि को बढ़ावा दीजिये।

कलामंथन में 1000 से अधिक लेखक साथ जुड़े हैं तथा साहित्य की तरफ अपने रुझान को लेखों में प्रेषित करते हैं।

साहित्य हमारी संस्कृति की पहचान है आईये इसे अगली पीढ़ी तक पहुंचाएं

10 COMMENTS

    • We will be providing participation certificates and children will get exposure to quality content creation along with witnessing various other creators of their own age group beyond their school.

  1. अगर आप पठन पाठन क्षेत्र से सम्बन्ध रखते है तो हमसे जुड़िये और राष्ट्रभाषा के साहित्य में आज की युवा पीढ़ी की रूचि को बढ़ावा दीजिये।

    कलामंथन में 1000 से अधिक लेखक साथ जुड़े हैं तथा साहित्य की तरफ अपने रुझान को लेखों में प्रेषित करते हैं।

    साहित्य हमारी संस्कृति की पहचान है आईये इसे अगली पीढ़ी तक पहुंचाएं

  2. प्रतियोगिता का हिस्सा बनने के लिए कौनसे विषय पर लिखनी है कविता व कहानी।कृपा विषय बताने का कष्ट करें।

    • कृपया इस लेख को पढ़ें तथा अपना डैशबोर्ड बना कर लेख
      पोस्ट करें

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