Email: support@kalamanthan.in, editor@kalamanthan.in

Home #जनवरी_कहानी_लेखन_प्रतियोगिता कहानी लेखन प्रतियोगिता - जनवरी 2021

कहानी लेखन प्रतियोगिता – जनवरी 2021

क्या लेखन आपकी कल्पना की अभूतपूर्व उड़ान है ?
क्या कहानियां एवं कथा साहित्य आपकी रूचि है ?
क्या दूसरों की लिखी कहानियों को पढ़ आपको भी लगता है की अरे ये तो मैं भी लिख सकती थी !
अगर हाँ, तो हम आपके लिए ही हैं इस वर्ष की पहली लेखन प्रतियोगिता।
नई बदलती दुनिया को अपनी निगाह से देखें और शब्दों में ढालें।

हम आपके लिए लेकर आए हैं जनवरी माह की कहानी लेखन प्रतियोगिता । प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु नियम इस प्रकार हैँ :
1. यहाँ हम आपको एक पंक्ति दे रहें हैं , आपकी कहानी में इस पंक्ति का प्रयुक्त होना अनिवार्य है अर्थात् आपकी कहानी में यह पंक्ति होनी ही चाहिए|

2. आपकी कहानी मौलिक, अप्रकाशित व अप्रसारित होनी चाहिए ।

3. कहानी निम्नतम 500 तथा अधिकतम 2500 शब्दों की होनी चाहिए अर्थात् आपकी कहानी (500-2500) शब्दों की हो ।

4. कहानियाँ भेजने की अंतिम तिथि 31 /12 /2021 (31 जनवरी 2021 ) है

5. कहानियाँ किसी भी विषय पर हो सकती हैं (प्रेम, काल्पनिक,हॉरर,वात्सल्य,रहस्य, रोमांच, हास्य इत्यादि)

6. आप अधिकतम दो कहानियाँ भेज सकते हैं ।

7. पुरस्कृत रचना को समूह की ओर से अमेज़न गिफ़्ट वाउचर प्रदान किये जायेंगे।

8. एडिटिंग टीम कहानी के नाम व कुछ महीन त्रुटियां ठीक करने या बदलने का अधिकार रखती है।

जनवरी महीने की कहानी के लिए दी गयी पंक्तियां वर्जीनिया वूल्फ की कही हुई हैं। वर्जिनिया बीसवीं शताब्दी की ब्रिटिश लेखिका हैं जिन्हे modernist के तौर पर जाना जाता है।

“यदि आपके पास खुद को सच बताने की हिम्मत नहीं है, तो निश्चित रूप से आप अपने बारे में दूसरे किसी को भी सच नहीं बता सकते।

इस पंक्तियों को अपनी कहानी में अपने तरीके से प्रयोग करें।

कहानी को कलामंथन की वेबसाइट पर डालें और #जनवरी_लेखन_प्रतियोगिता डालना न भूले।

आखिरी तारीख है कहानियाँ भेजने की अंतिम तिथि 31 /1/2021 (31 जनवरी 2021 ) है

अत: आप सभी से अनुरोध है कि अधिक से अधिक संख्या में प्रतियोगिता में भाग लेकर इसे सफल बनाएँ

साथ ही अपने परिचित रचनाकारों भी इस आयोजन से जोड़ें ।

अपने लेखन को दीजिये कल्पना की उड़ान!!

 

 

KalaManthan is an art platform which is dedicated to literary enthusiasts and has been working both online and offline to give them a place to share their views in form of poetry, stories and now blogs as well. The views are sole of the writer and not necessarily represent the platform’s views and opinions at all times.

Follow KalaManthan on Facebook to get updates regarding events and other activities.

If you want to share your thoughts log in to www.kalamanthan.in and share your writings to the world.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

सवालों पर बेड़ियाँ – पितृसत्ता की तिलमिलाहट

अक्सर सोचती हूँ की न लिखूं। ये रोज़मर्रा की बातें हैं और घटियापन ,ओछेपन और बीमार मानसिकता पर तो जी ही रहें हैं हम। अपने काम...

अंतरज्वाला

इधर कुछ दिनों से अंजलि बैंक से काफ़ी देर से लौटने लगी थी। अंजलि और अजय दोनों कामकाजी थे। अंजलि बैंक में और अजय...

दो दिल मिले चुपके-चुपके

  "निलेश आज जो हुआ वो ठीक नहीं था" " हां सीमा इस बात का मुझे भी एहसास है कि हमसे अन्जाने में बहुत बड़ी गल्ती...

अब बस

  रूपा सुबह सुबह हाँथ में चाय का कप लिए हॉल में बैठकर टीवी देखते हुए चाय पी रही थी कि तभी उसको डोरबेल की...

Recent Comments