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Anshu Saxena

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नगरवधू

  कमल नयन कटोरे भरे जल की बदली, जाने कितने हाथों से बँधी वो कठपुतली... रखकर दाँव पर अपने आत्मसम्मान को, नगरवधू बन वो मासूम चली इक नगर...

चिनार के दरख़्त

फ़रवरी की गुनगुनी सी सर्दियाँ चैताली को बहुत पसंद थीं । शाम का धुँधलका छाने लगा था और हल्की सी सिहरन महसूस होते ही उसने...

बेड़ियाँ

  मैं बाज़ार में एक दुकान से बाहर निकल ही रही थी , कि एक लगभग चौबीस पच्चीस वर्ष के नवयुवक ने आगे बढ़ कर...

नमस्कार की मुद्रा

हरिया की नज़रें आसमान पर टिकीं थी । बादलों और बारिश का नामोनिशान नज़र नहीं आ रहा था ।यह लगातार तीसरा साल था जब...

मीठे दरिया की मछली

  उसने जब इस संसार में अपना पहला नन्हा सा क़दम लिया तो दादी ने उसकी झील सी गहरी और मछली जैसी बड़ी, सुन्दर आँखें...

केतकी

  केतकी और रोहन की शादी को कुछ ही दिन हुए थे । दोनों हनीमून पर गोआ घूमने गये थे । सवेरे सवेरे दोनों घूमने...

मृगनयनी सी तुम

  तुम्हारी चपलता भरी आँखों में, मैं अपना दिल कहीं, अटका हुआ सा पाता हूँ ... ये तुम्हारी ग़ुस्ताख़ आँखों का ही क़ुसूर है जो इनमें मैं सदा डूब जाता...

पाषाणी

पाषाणी जब मैंने महावर रचे पाँवों से  लाँघी थी तुम्हारे घर की चौखट... बनकर लक्ष्मी तुम्हारे घर की,  तब मेरे भाग्य ने ली थी करवट ! “कितना ज़ोर से...

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अत्याचार के ख़िलाफ़ कदम

सीमा एक बहुत ही सीधी,प्रतिभाशाली और सुंदर लड़की थी।उसके पिता जी रमेश शहर के किसी ऑफ़िस में गार्ड की नौकरी करते थे।सीमा तीन भाई...

मेरा अपना खुद का घर

मैं....मैं हूँ, यह मेरा वजूद है!किसने दिया तुमको यह हक, कि तुम खुद को मेरा भगवान समझ बैठे। रिश्ते में बंधी थी जीवनसंगिनी थी, बराबर का...

औरत के सपने

एक औरत के सपने जो औरत ने कभी देखे ही नहीं अपने लिए, विरासत में मिले सपने मुझे मां से मां को अपनी मां से बचपन से बताया...

ममता की आस

  चंदा है तू , मेरा सूरज है तू बंगले के बगल के मोड़पर पान की दुकान पर रेडियों पर गाना बज रहा था।यूँ तो श्यामा...