Phone No.: +917905624735,+919794717099

Email: support@kalamanthan.in

Kiran Shukla

3 POSTS0 COMMENTS
मैं किरण शुक्ला एक गृहणी हूं। मैं नवाबों के शहर लखनऊ की रहनेवाली हूं। थोड़ा बहुत लिखने का शौक पहले से था लेकिन जिंदगी की व्यस्तताओं मे ये शौक ज़रा पीछे छूट सा गया था। कला मंथन मंच की आभारी हूं जिसकी वजह से मैंने नए सिरे से अपने शौक को वक्त देना शुरू किया है। सही मायने मे नवलेखिका हूँ जो शायद आजकल की पीढ़ी के लिए लिखने का प्रयास कर रही हूं। उम्मीद करती पढ़ने वालों की अपेक्षा पर खरी उतरूं।

ठहरा हुआ पतझड़

 रैना बीती जाऐ, श्याम ना आये निन्दिया ना आये....... एक सुरीली आवाज ने मेरी निद्रा भङ्ग कर दी लेकिन बुरा नही लगा, वो आवाज थी इतनी...

वो बारिश।

        इवनिंग शिफ्ट होने की वजह से डॉक्टर अजय दोपहर में अपने अस्पताल के लिए निकले थे।शहर की लाइब्रेरी की लाला बत्ती...

बातचीत पर टिकी सम्बन्धों की डोर

बतरस लालच लाल की मुरली धरी लुकाय सौंह करे भौंहन हंसे देते कहें नटि जाय। हिंदी साहित्य जगत में उच्च कोटि के कवि बिहारी जी का...

TOP AUTHORS

Most Read

Torchbearer

I could hear my phone ringing in the bedroom. I rushed to pick it up. It was Radha. Congratulations! You've been selected in UPSC! I was...

खामोश लफ्ज

बारिश और साथ मे हो गर्मागर्म चाय ... फिर तो मौसम और भी सुहाना लगने लगता हैं ... कुछ ऐसी ही एक कहानी हैं...

ठहरा हुआ पतझड़

 रैना बीती जाऐ, श्याम ना आये निन्दिया ना आये....... एक सुरीली आवाज ने मेरी निद्रा भङ्ग कर दी लेकिन बुरा नही लगा, वो आवाज थी इतनी...

इत्तफाक

आज उसका दाखिला विश्वविद्यालय में एक शोधकर्ता के रूप में हुआ।सारी औपचारिकताएं पूरी कर थोड़ी बहुत सीनियर्स की खिंचाई भी झेला फिर थक कर...