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Kumar Sandeep

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अपनी कलम के माध्यम से ज़िंदगी से मिले दर्द व अनुभवों को कलमबद्ध करने का एक छोटा-सा प्रयत्न।

हौसला हो यदि बुलंद तो मुश्किल नहीं करेगी तंग

सफलता प्राप्त करने हेतु अनेक मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। राह में अनगिनत बाधाएं आती हैं। मुश्किलें हिम्मत तोड़ना चाहती हैं। मुश्किलों से भयभीत होने की...

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सवालों पर बेड़ियाँ – पितृसत्ता की तिलमिलाहट

अक्सर सोचती हूँ की न लिखूं। ये रोज़मर्रा की बातें हैं और घटियापन ,ओछेपन और बीमार मानसिकता पर तो जी ही रहें हैं हम। अपने काम...

अंतरज्वाला

इधर कुछ दिनों से अंजलि बैंक से काफ़ी देर से लौटने लगी थी। अंजलि और अजय दोनों कामकाजी थे। अंजलि बैंक में और अजय...

दो दिल मिले चुपके-चुपके

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अब बस

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