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Manisha Yadava

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Dr.Manisha Yadava is an Author/poet/reiki healer/Dowser/angels card reader/Motivational speaker/Meditater/Art of living volunteer and Member of Indian Literature society. She has done Phd in economics.She has been writing poetry since class 9th. As an Author she has written two poetry books “Mere Khayal and “Driya-E-Ehsaas” and CO-Author of four anthologies. This year she is releasing her third book in five different languages She was on 9th May 1973 in Meerut (up) in a well educated family.

मौन विदुर

कहो विदुर कब तक मौन रहोगे कब तक यूँ धीर धरोगे कहो विदुर कब तक मौन रहोगे कब तक तुम हर स्त्रियों में बैठी पांचाली को सभा में यूँ...

जीवनदायी रोशनदान

6 दिसम्बर 1992 शाम के 6 बज रहे थे हम सब आँगन में बैठ कर चाय पी रहे थे। तभी मेरे बड़े भाई अब्दुल...

सच्चा मातृ दिवस

नहीं चाहिए #मातृ_दिवस का #ढोंग हर #माँ को चाहिए एक सच्चा #मातृ_दिवस जो हर #रोज़ हो... हम कब तक एक दिन मातृ दिवस का ढोल बजा...

किताबों की दुनियाँ

किताबों की दुनियाँ बड़ी विचित्र है इन्होंने रचे जाने कितने चरित्र हैं कही अनकही सारी कहानी है इनमें कुछ बच्चों की ज़ुबानी है इनमें कई भाषा...

एक वायरस

देखो कैसा दौर है आया एक वायरस ने है उत्पात मचाया जिस युग से हम लजाते थे आज उसी युग ने हमें देखो अपना महत्व समझाया जिन पंछियों...

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अत्याचार के ख़िलाफ़ कदम

सीमा एक बहुत ही सीधी,प्रतिभाशाली और सुंदर लड़की थी।उसके पिता जी रमेश शहर के किसी ऑफ़िस में गार्ड की नौकरी करते थे।सीमा तीन भाई...

मेरा अपना खुद का घर

मैं....मैं हूँ, यह मेरा वजूद है!किसने दिया तुमको यह हक, कि तुम खुद को मेरा भगवान समझ बैठे। रिश्ते में बंधी थी जीवनसंगिनी थी, बराबर का...

औरत के सपने

एक औरत के सपने जो औरत ने कभी देखे ही नहीं अपने लिए, विरासत में मिले सपने मुझे मां से मां को अपनी मां से बचपन से बताया...

ममता की आस

  चंदा है तू , मेरा सूरज है तू बंगले के बगल के मोड़पर पान की दुकान पर रेडियों पर गाना बज रहा था।यूँ तो श्यामा...