Phone No.: +917905624735,+919794717099

Email: support@kalamanthan.in

nirjhra

12 POSTS4 COMMENTS
Leading the editorial team with a vision of bringing quality content and varied thoughts on different aspects of society, art , life in general.

पितृसत्ता में पिसते पुरुष

नारीवाद या फेमिनिज्म से भी लोगों को गुरेज़ शायद इसीलिए भी है की वो प्रत्येक नारी के पुरुष को और प्रत्येक पुरुष के भीतर...

लड़की लवली तो होनी ही चहिये।

संस्कारो का, यूँ कहिए की एडिटिंग का डर है वरना शुद्ध हिंदी में कुछ परोसने को जी चाहता उनको, जो फेयर मतलब ग्लो के...

गुलाबो सीताबो – बेबाक औरतें और मज़बूत किरदार

रिलीज़ होने के चैबीस घंटे में हमने कोई फिल्म आजतक नहीं देखी। हिंदी फिल्मो के प्रति हमारे प्यार पर शक न करें लेकिन फिल्म १...

Well Being,Solace and Inward Journey

Morning Thoughts Getting up to wet roads in May/June is a perfect start of the day. A solace from the hot days of Indian Summers....

The Negative of Positive

Way past midnight as I am sitting thinking what pen down in weekly blog so many thoughts running through my mind. A lot is...

थोड़ा है, थोड़े की जरूरत है

शहर की बालकनी में बैठ कर चाय पीना और उस पर कोयल की मधुर ध्वनि। ऐसा रोज़ नहीं होता न। आज की परिस्तिथि में हर कोई...

जनानखाना , बचपन और फेमिनिज़्म

आज कल का वक़्त हर कोई अलग अलग तरह से गुज़ारने की कोशिश में हैं। साडी से ले कर खाने का चैलेंज चला और...

Public’s Fund, Public’s Welfare!

    The world is going through the toughest time of the century. Every country irrespective of there stature is facing a grim situation. A tiny...

World After Quarantine

  While we are sitting on the 3rd Sunday of the complete lockdown of our country many thoughts are floating in my mind. This is...

Bollywood – Coming of Age

Its perfect time to enjoy all those movies and web series which one wanted to catch up. The recent movies both mainstream and short...

TOP AUTHORS

Most Read

पितृसत्ता में पिसते पुरुष

नारीवाद या फेमिनिज्म से भी लोगों को गुरेज़ शायद इसीलिए भी है की वो प्रत्येक नारी के पुरुष को और प्रत्येक पुरुष के भीतर...

लड़की लवली तो होनी ही चहिये।

संस्कारो का, यूँ कहिए की एडिटिंग का डर है वरना शुद्ध हिंदी में कुछ परोसने को जी चाहता उनको, जो फेयर मतलब ग्लो के...

आंखो की नमी से बहता काजल

आंखो की नमी से, बहता काजल देखा है कभी ,दर्द का बादल !! काजल के बहने से, होती वो हल चल सासो के सिसकियां में , बदल...

चिड़िया

  मत कैद करों चिड़ियों को जाने दो जहाँ जाना है ! उड़ने दो इस आसमान मे उनको भी पंख पसारना है!!१!! उनको इस आसमान में अपनी पहचान बनाना है...