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nirjhra

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Leading the editorial team with a vision of bringing quality content and varied thoughts on different aspects of Society, Art and Life in general. Nirjhra is a Parent Coach, Social Entrepreneur and Writer who feels, words are mightier than the sword but if needed, pick up that as well.

सवालों पर बेड़ियाँ – पितृसत्ता की तिलमिलाहट

अक्सर सोचती हूँ की न लिखूं। ये रोज़मर्रा की बातें हैं और घटियापन ,ओछेपन और बीमार मानसिकता पर तो जी ही रहें हैं हम। अपने काम...

रिश्तों की परतें खोलता – Criminal Justice

जब साल जाने की गिने चुने घंटे बचे हैं मध्यरात्रि के कुछ उस पार एहसास हो रहा की हिंदुस्तान का एक तबका या कहें...

पापामैन

अभी कुछ दिन पहले 'नई वाली हिंदी ' पर विमर्श हो रहा था और मेरा कहना यही था की इस 'नई वाली हिंदी '...

राजनटनी -प्रेम व कर्तव्य कथा

गीता जी की किताबों में अलग अलग परिवेश में सशक्त नायिकाओं का चित्रण किया गया है। राजनटनी उनकी सबसे हालिया किताब है। किताबे पढ़ने का...

Raising Successful Children – Part 2

Raising successful children is what every parent aspires for and this series is just a checklist to be reminded to all of us as...

Raising Successful Children- Part 1

  The world is a changed place. We never thought that someday we all will be locked in our houses and the world outside will...

How to Teach Writing Skill to Toddlers?

Being into Early childhood education and parenting, I was always asked varied questions by young, anxious mothers. Apart from the initial hiccups of toilet training...

Teach Your Child To Express Emotions

As a parent, we teach so many things to our children. We are eager to make them multi-talented personalities. It is very common nowadays...

वर्किंग मदर्स

जाने क्यों 'माओं ' के बीच भी ये खाई बना दी गयी। क्यों मान लिया जाता हैं की घर में रहने वाली माएँ अपना...

पितृसत्ता में पिसते पुरुष

नारीवाद या फेमिनिज्म से भी लोगों को गुरेज़ शायद इसीलिए भी है की वो प्रत्येक नारी के पुरुष को और प्रत्येक पुरुष के भीतर...

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अक्सर सोचती हूँ की न लिखूं। ये रोज़मर्रा की बातें हैं और घटियापन ,ओछेपन और बीमार मानसिकता पर तो जी ही रहें हैं हम। अपने काम...

अंतरज्वाला

इधर कुछ दिनों से अंजलि बैंक से काफ़ी देर से लौटने लगी थी। अंजलि और अजय दोनों कामकाजी थे। अंजलि बैंक में और अजय...

दो दिल मिले चुपके-चुपके

  "निलेश आज जो हुआ वो ठीक नहीं था" " हां सीमा इस बात का मुझे भी एहसास है कि हमसे अन्जाने में बहुत बड़ी गल्ती...

अब बस

  रूपा सुबह सुबह हाँथ में चाय का कप लिए हॉल में बैठकर टीवी देखते हुए चाय पी रही थी कि तभी उसको डोरबेल की...