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Nirmala Singh

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Nirmala Singh ji is an accomplished painter and poetess who has been working since last 20 years. Her books have been appreciated by readers and critics alike. Awarded by many prestigious awards, she has an amazing grasp on hindi language and expression.

क्या बरसे – गीतों के गाँव पगडण्डी भिगोते रेशमी बादल

गीतों के गांव मे पगडण्डी भिगोते रेशमी बादल झूिकर क्या बरसे, रँगकर मुस्कान हर मन को भा गए! केले के बांझ स्तम्भ क़ुबामन होकर उम्मीदों के रेशम से क्या बरसे! शहतूत की शाखों...

संवेदना – कैसे करें अनसुना ? वन्य जीवन की पुकार चीड़ का चचत्कार!

कैसे करें अनसुना ?वन्य जीवन की पुकारचीड़ का चचत्कार! सुलग रहे शिखरदावानल प्रखरजंगली गुलाब कीलताओं का बबलखनापँचियों के उजड़े आशियाने देखभरपूर फूलों से...

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सवालों पर बेड़ियाँ – पितृसत्ता की तिलमिलाहट

अक्सर सोचती हूँ की न लिखूं। ये रोज़मर्रा की बातें हैं और घटियापन ,ओछेपन और बीमार मानसिकता पर तो जी ही रहें हैं हम। अपने काम...

अंतरज्वाला

इधर कुछ दिनों से अंजलि बैंक से काफ़ी देर से लौटने लगी थी। अंजलि और अजय दोनों कामकाजी थे। अंजलि बैंक में और अजय...

दो दिल मिले चुपके-चुपके

  "निलेश आज जो हुआ वो ठीक नहीं था" " हां सीमा इस बात का मुझे भी एहसास है कि हमसे अन्जाने में बहुत बड़ी गल्ती...

अब बस

  रूपा सुबह सुबह हाँथ में चाय का कप लिए हॉल में बैठकर टीवी देखते हुए चाय पी रही थी कि तभी उसको डोरबेल की...