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PRAFULL SAXENA

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ऐ वक़्त ,तू मुठ्ठी में कब आयेगा

  ऐ वक़्त ,तू मुठ्ठी में कब आयेगा यादों के भूले बिसरे हुऐ हुजरे ,तू कब वापस लायेगा! अब इंतिहा हो गई , आंखो में अशुओ का पुलिंदा...

याद जब घर की आती है , तो आंखें भर ही आती है

याद जब घर की आती है , तो आंखें भर ही आती है उनके मकतूब बैचैनी , ना जाने क्यों सताती है! अब मेरी आखों को...

आंखो की नमी से बहता काजल

आंखो की नमी से, बहता काजल देखा है कभी ,दर्द का बादल !! काजल के बहने से, होती वो हल चल सासो के सिसकियां में , बदल...

चिड़िया

  मत कैद करों चिड़ियों को जाने दो जहाँ जाना है ! उड़ने दो इस आसमान मे उनको भी पंख पसारना है!!१!! उनको इस आसमान में अपनी पहचान बनाना है...

राधे तेरी बन्सी और बृज की छाँव

राधे ,कहाँ गयी तेरी बन्सी और बृज की वो छाँव न रहा वो मिट्टी का अपनापन और गऊओं से लगाव अब नहीं आऊगा तेरे  गॉंव वो पुष्पों...

ढलता सा सूरज

ढलता सा सूरज था रौशनी सी चमक रही थी वही दूर एक चेहरे पर रौनक सी झलक रही थी चिड़ियों की चहचहाट थी और था अजीब सा शोर शायद मेरे...

बारिश की बूंदो गिरने की आवाज़

बारिश की बूंदो की गिरने की आवाज़ ! पत्तो पर बूंदो के ठहरने का अहसास ! कुछ होता है खास!!१!! बूंदों का फूलो पर कुछ गिरने का अंदाज! उनका गिरकर ठहरकर...

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अम्मा का इंतकाल

बालपन में घटित एक दुःखद घटनकाल की सुखद अनुभूतियाँ, ये मेरे बालपन का संस्मरण है,जब मासूमियत दिल पे हावी होती है और ज़ुबाँ पे...

अनुराधा

रात का अंधेरा और गहरा होता जा रहा था साथ ही मेरे भीतर की जदोजहद भी गहरी होती जा रही थी | बीते कुछ...

आज़ादी की क़ीमत

  रानी के पड़ोसी दूसरे शहर शिफ्ट हो रहे थे, जाते हुए उन्होंने अपना तोता रानी को दे दिया। पहले रानी को यह ज़िम्मेदारी कुछ...

मेरा अपना भी अस्तित्व हैं

“सुबह पांच बजे के करीब नींद खुली, फ़िल्टर कॉफ़ी माइक्रो कर जब बालकनी में आई, अद्भुत नज़ारा था..सामने वाले पार्क से आता कलरव आस...