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Priya Kumaar

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संबंध

बाहर नये साल का जश्न पूरे शबाब पर था और भीतर,, मेरे अंतर्मन में स्मृतियों की आतिशबाज़ी शुरू हो गयी!! कल ही की तो बात...

प्रेम

प्रेम, प्रणय क्रीड़ा से.. प्रस्तुत नहीं होता.. प्रेम, अंग प्रत्यंग की लालसा से गहरा नहीं होता.. प्रेम,, दो देह से गुजर कर भी पूरा नहीं होता.. ..... प्रेम,, ह्रदय पीड़ा से, प्रशस्ति...

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अक्सर सोचती हूँ की न लिखूं। ये रोज़मर्रा की बातें हैं और घटियापन ,ओछेपन और बीमार मानसिकता पर तो जी ही रहें हैं हम। अपने काम...

अंतरज्वाला

इधर कुछ दिनों से अंजलि बैंक से काफ़ी देर से लौटने लगी थी। अंजलि और अजय दोनों कामकाजी थे। अंजलि बैंक में और अजय...

दो दिल मिले चुपके-चुपके

  "निलेश आज जो हुआ वो ठीक नहीं था" " हां सीमा इस बात का मुझे भी एहसास है कि हमसे अन्जाने में बहुत बड़ी गल्ती...

अब बस

  रूपा सुबह सुबह हाँथ में चाय का कप लिए हॉल में बैठकर टीवी देखते हुए चाय पी रही थी कि तभी उसको डोरबेल की...