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Ragini Pathak

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मैं एक गृहणी हुँ, लेखन मेरे जीवन मे मेरी सांसों की तरह है। कलम के सहयोग से समाज मे व्याप्त महिलाओं की समस्याओं को सामने लाने की एक कोशिश है मेरी। क्योंकि कलम तलवार से भी ताकतवर होती है। लेखनी मेरे लिए सिर्फ कुछ शब्द नही इसमे मेरी भावनाएं सपने जुड़े हैं। बस उन्हीं सपनों को पंख देने की एक छोटी सी कोशिश है मेरी। बहुत से मंचो पर लेखन विजेता भी रही हूं। सफर सपनो का तो अभी शुरू हुआ है, दूर तक जाना है सुनहरे अक्षरों सा इतिहास बनाना है। हम रहे ना रहे हमारा वजूद रहे।

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