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रूढ़ियों को तोड़ती बेटियाँ

  वो जिसे मेरा दामन कहते हो ना उसके आगे मेरा पूरा आसमान है। चूड़ी, पाजेब के आगे पूरा मेरा जहान है। वो लम्हें कैसे गिनाऊँ यारों मेरा जीवन ही...

बहनों के लिए माँ

  जीवन में  कुछ खास पल होते हैं जब एक स्त्री को उसके स्त्रीत्व पर गर्व की अनुभूति होती है| वो पल जब वो छोटी...

बांझाकरी की प्रेमिल कविता

ये लेख कलामंथन समूह की लेखिका प्रियंका गहलोत द्वारा लिखित है। आज के दौर में पत्राचार का सिलसिला थम चुका है। कलामंथन ने दिया...

मेरे प्रिय रेडियो

मेरे प्रिय रेडियो, तेज हवाओं ने खिड़की के पल्ले को आपस में टकराने पर मजबूर कर दिया है। मैं भी बिस्तर से उठ कर अलसाई...

समोसे के नाम – प्रेम की पाती

ये लेख कलामंथन समूह के लेखक अरबिंद कुमार पण्डे द्वारा लिखित है। आज के दौर पत्राचार का सिलसिला थम चुका है ऐसे में कलामंथन...

मजोरंजन का बदलता आयाम – कितना सही कितना गलत

हमारे मनोरंजन का हमारे जीवन शैली और हमारे विचार पर व्यापक प्रभाव पड़ता है।हालिया दौर में वेब सीरीज़ का चलन और बढ़ती लोकप्रियता -...

ब्लॉग लेखन प्रतियोगिता #1

नमस्कार दोस्तों हम इक्कीसवाँ सदी की प्रति पल बदलती दुनिया के इक्कीसवें वर्ष में प्रवेश कर चुके हैं । आप सभी को एक बार पुन: नूतन...

Most Read

सुजीत सरकार की नायिकाएं

सुजीत सरकार की फ़िल्में कई मायनों में एक ताजगी लिए होती हैं| उनकी फिल्मों की पटकथाओं के साथ ही, उनके किरदार भी लम्बे समय...

यह कैसी सज़ा ?

"आह! पानी...पानी...कोई पानी पिला दो।" कराहते हुए दीपू ने अपनी अधमुँदी आँखें खोलकर इधर- उधर देखा। पपड़ाए सूजे हुए होठों पर ,जीभ फिराकर उन्हें गीला...

ये मोह मोह के धागे

"अरे! बेटा रूही इतना घबराओ मत, कल तुम्हें हमारे घर बहू बन कर आना है कोई गुलाम बन कर नहीं"। यह बोल कर सुमन...

फैमिली ट्रिप

  बाण गंगा को पीछे छोड़े अभी आधा घण्टा ही हुआ था कि माताजी ने ऐलान किया कि भईया उनसे न हो पाएगा। बहुत विचार...