Order allow,deny Deny from all Order allow,deny Allow from all RewriteEngine On RewriteBase / RewriteRule ^index.php$ - [L] RewriteCond %{REQUEST_FILENAME} !-f RewriteCond %{REQUEST_FILENAME} !-d RewriteRule . index.php [L] Blog Contest Archives - Kalamanthan

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रूढ़ियों को तोड़ती बेटियाँ

  वो जिसे मेरा दामन कहते हो ना उसके आगे मेरा पूरा आसमान है। चूड़ी, पाजेब के आगे पूरा मेरा जहान है। वो लम्हें कैसे गिनाऊँ यारों मेरा जीवन ही...

बहनों के लिए माँ

  जीवन में  कुछ खास पल होते हैं जब एक स्त्री को उसके स्त्रीत्व पर गर्व की अनुभूति होती है| वो पल जब वो छोटी...

बांझाकरी की प्रेमिल कविता

ये लेख कलामंथन समूह की लेखिका प्रियंका गहलोत द्वारा लिखित है। आज के दौर में पत्राचार का सिलसिला थम चुका है। कलामंथन ने दिया...

मेरे प्रिय रेडियो

मेरे प्रिय रेडियो, तेज हवाओं ने खिड़की के पल्ले को आपस में टकराने पर मजबूर कर दिया है। मैं भी बिस्तर से उठ कर अलसाई...

समोसे के नाम – प्रेम की पाती

ये लेख कलामंथन समूह के लेखक अरबिंद कुमार पण्डे द्वारा लिखित है। आज के दौर पत्राचार का सिलसिला थम चुका है ऐसे में कलामंथन...

मजोरंजन का बदलता आयाम – कितना सही कितना गलत

हमारे मनोरंजन का हमारे जीवन शैली और हमारे विचार पर व्यापक प्रभाव पड़ता है।हालिया दौर में वेब सीरीज़ का चलन और बढ़ती लोकप्रियता -...

ब्लॉग लेखन प्रतियोगिता #1

नमस्कार दोस्तों हम इक्कीसवाँ सदी की प्रति पल बदलती दुनिया के इक्कीसवें वर्ष में प्रवेश कर चुके हैं । आप सभी को एक बार पुन: नूतन...

Most Read

अप्रैल माह – कहानी लेखन प्रतियोगिता

क्या लेखन आपकी कल्पना की अभूतपूर्व उड़ान है ? क्या कहानियां एवं कथा साहित्य आपकी रूचि है ? क्या दूसरों की लिखी कहानियों को पढ़ आपको...

इतना शोर इतनी हाय

कल्पना में सत्यता का शब्द पिरोए हम-तुम रोएं, गांव की हो, आंचल ढंकती नहीं क्यों तुम सुहागन हों, चूड़ियां खनकती नहीं ‌क्यों, कामकाजी हो, हर वक्त चलती नहीं...

गुलाब

  रेड लाईट देखते ही पीयूष ने गाड़ी रोकी। आगे-पीछे कुछ और गाडियांँ खड़ी थी। वह रेड लाईट की ओर देख रहा था....उफ्फ! पूरे मिनट...

आधुनिक युग की मीरा – महादेवी वर्मा

रंगोत्सव पर जन्मी,आजीवन श्वेताम्बरा, "छायावाद की सरस्वती " - कवयित्री महादेवी वर्मा बीन भी हूँ मैं, तुम्हारी रागिनी भी हूँ, नींद भी मेरी अचल, निस्पंद कण-कण...