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कहीं ना कहीं कुछ

खिड़की आत्मा की खोलते ही दिखेगी हरसू हर नज़ारे में जीवंत सी परछाईयां, महसूस करो तो हर चीज़ों के भीतर कोई गहन अर्थ छिपा होता...

नई सोच

" अरे!! कुंडली नहीं बेटा, लड़के की मेडिकल जांच का पर्चा मंगवाओ। मैंने अपनी बेटियों की शादी के वक़्त जो गलती की ;अब पोतियों...

पापामैन

अभी कुछ दिन पहले 'नई वाली हिंदी ' पर विमर्श हो रहा था और मेरा कहना यही था की इस 'नई वाली हिंदी '...

नवंबर कहानी लेखन

क्या लेखन आपकी कल्पना की अभूतपूर्व उड़ान है ? क्या कहानियां एवं कथा साहित्य आपकी रूचि है ? अगर हाँ तो हम आपके लिए शुरू कर...

ये कैसी मानसिकता?

        नारी जीवन का सबसे सुंदर रूप माँ का माना जाता है और वह माँ तभी बनती है जब उसका शारीरिक विकास पूर्ण हो।एक...

Raising Successful Children- Part 1

  The world is a changed place. We never thought that someday we all will be locked in our houses and the world outside will...

October Writing Contest

Are you a writer who loves to dwell into stories? Do you love to see beneath the layers of human emotions? If yes, the Monthly Story...

How to Teach Writing Skill to Toddlers?

Being into Early childhood education and parenting, I was always asked varied questions by young, anxious mothers. Apart from the initial hiccups of toilet training...

विश्व हृदय दिवस पर..❤️

"पिछले दिनों घर में पुताई के बाद परदे लगे तो एक खिड़की के परदे बहस का मुद्दा बन गए . हुआ ये कि उस...

हौसला हो यदि बुलंद तो मुश्किल नहीं करेगी तंग

सफलता प्राप्त करने हेतु अनेक मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। राह में अनगिनत बाधाएं आती हैं। मुश्किलें हिम्मत तोड़ना चाहती हैं। मुश्किलों से भयभीत होने की...

बातचीत पर टिकी सम्बन्धों की डोर

बतरस लालच लाल की मुरली धरी लुकाय सौंह करे भौंहन हंसे देते कहें नटि जाय। हिंदी साहित्य जगत में उच्च कोटि के कवि बिहारी जी का...

बचपन को बांटते रंग

  डीयर किंडर जॉय......... सबसे पहले तो तुम्हें बहुत बधाई कि तुम हमारे नन्हे-मुन्ने का दिल जीतने में इतने कामयाब रहे। किसी शॉप में अगर...

Most Read

सवालों पर बेड़ियाँ – पितृसत्ता की तिलमिलाहट

अक्सर सोचती हूँ की न लिखूं। ये रोज़मर्रा की बातें हैं और घटियापन ,ओछेपन और बीमार मानसिकता पर तो जी ही रहें हैं हम। अपने काम...

अंतरज्वाला

इधर कुछ दिनों से अंजलि बैंक से काफ़ी देर से लौटने लगी थी। अंजलि और अजय दोनों कामकाजी थे। अंजलि बैंक में और अजय...

दो दिल मिले चुपके-चुपके

  "निलेश आज जो हुआ वो ठीक नहीं था" " हां सीमा इस बात का मुझे भी एहसास है कि हमसे अन्जाने में बहुत बड़ी गल्ती...

अब बस

  रूपा सुबह सुबह हाँथ में चाय का कप लिए हॉल में बैठकर टीवी देखते हुए चाय पी रही थी कि तभी उसको डोरबेल की...