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तुमसे जाना है सादगी को हसीं तुमसे करता हँशायरी को हसीं

तुमसे जाना है सादगी को हसीं तुमसे करता हँशायरी को हसीं इससे सबको बहुत ज़शकायत है क्यों ज़लखेकोई ज़जिंदगी को हसीं मुफ्लीसों के लह से अहल ए करम कर...

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क्या लेखन आपकी कल्पना की अभूतपूर्व उड़ान है ? क्या कहानियां एवं कथा साहित्य आपकी रूचि है ? अगर हाँ तो हम आपके लिए शुरू कर...

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