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तुमसे जाना है सादगी को हसीं तुमसे करता हँशायरी को हसीं

तुमसे जाना है सादगी को हसीं तुमसे करता हँशायरी को हसीं इससे सबको बहुत ज़शकायत है क्यों ज़लखेकोई ज़जिंदगी को हसीं मुफ्लीसों के लह से अहल ए करम कर...

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मेरा अपना खुद का घर

मैं....मैं हूँ, यह मेरा वजूद है!किसने दिया तुमको यह हक, कि तुम खुद को मेरा भगवान समझ बैठे। रिश्ते में बंधी थी जीवनसंगिनी थी, बराबर का...

औरत के सपने

एक औरत के सपने जो औरत ने कभी देखे ही नहीं अपने लिए, विरासत में मिले सपने मुझे मां से मां को अपनी मां से बचपन से बताया...

ममता की आस

  चंदा है तू , मेरा सूरज है तू बंगले के बगल के मोड़पर पान की दुकान पर रेडियों पर गाना बज रहा था।यूँ तो श्यामा...

ये कैसी मानसिकता?

        नारी जीवन का सबसे सुंदर रूप माँ का माना जाता है और वह माँ तभी बनती है जब उसका शारीरिक विकास पूर्ण हो।एक...