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प्रेम

प्रेम, प्रणय क्रीड़ा से.. प्रस्तुत नहीं होता.. प्रेम, अंग प्रत्यंग की लालसा से गहरा नहीं होता.. प्रेम,, दो देह से गुजर कर भी पूरा नहीं होता.. ..... प्रेम,, ह्रदय पीड़ा से, प्रशस्ति...

Missing myself

Humming “Khaali hai jo tere bina, mai wo ghar hu tera..”, She lies on her bean bag, sipping coffee and doodling in air, Sunrays sprinkling through...

याद जब घर की आती है , तो आंखें भर ही आती है

याद जब घर की आती है , तो आंखें भर ही आती है उनके मकतूब बैचैनी , ना जाने क्यों सताती है! अब मेरी आखों को...

दोस्ती

कभी चाय की प्यालियों से छलकती है दोस्ती कभी कांफी की खुशबू बन जाती है लस्सी की गिलासों में चीनी बन घुलती है बारिश में भीगी महक...

किसान

जिस देश में अन्नदाता का अपमान हो, ड्रग्स की पुड़िया की चर्चा पर घमासान हो, अन्नदाता के संघर्ष पर किसी का ना ध्यान हो, बेवजह की खबरों...

Raising Successful Children – Part 2

Raising successful children is what every parent aspires for and this series is just a checklist to be reminded to all of us as...

मेरा अपना खुद का घर

मैं....मैं हूँ, यह मेरा वजूद है!किसने दिया तुमको यह हक, कि तुम खुद को मेरा भगवान समझ बैठे। रिश्ते में बंधी थी जीवनसंगिनी थी, बराबर का...

औरत के सपने

एक औरत के सपने जो औरत ने कभी देखे ही नहीं अपने लिए, विरासत में मिले सपने मुझे मां से मां को अपनी मां से बचपन से बताया...

Who Am I ??

Am I just a face with a name, playing many roles in life’s game Child, friend, parent, lover; the roles which people admire Or a soul...

मौन विदुर

कहो विदुर कब तक मौन रहोगे कब तक यूँ धीर धरोगे कहो विदुर कब तक मौन रहोगे कब तक तुम हर स्त्रियों में बैठी पांचाली को सभा में यूँ...

थम जाती कलम भी आज

थम जाती कलम भी आज ठहर जाती उंगलियां भी आज मैं लिखना चाहती हूं ' प्रेम ' लिख डालती हूं ' क्षोभ ' लिखना चाहती हूं ' वीरता...

No God In A Temple

There is no god in a temple, for I see a rock there. I find him in the blazing hot light And under the breezy moonlit...

Most Read

सुजीत सरकार की नायिकाएं

सुजीत सरकार की फ़िल्में कई मायनों में एक ताजगी लिए होती हैं| उनकी फिल्मों की पटकथाओं के साथ ही, उनके किरदार भी लम्बे समय...

यह कैसी सज़ा ?

"आह! पानी...पानी...कोई पानी पिला दो।" कराहते हुए दीपू ने अपनी अधमुँदी आँखें खोलकर इधर- उधर देखा। पपड़ाए सूजे हुए होठों पर ,जीभ फिराकर उन्हें गीला...

ये मोह मोह के धागे

"अरे! बेटा रूही इतना घबराओ मत, कल तुम्हें हमारे घर बहू बन कर आना है कोई गुलाम बन कर नहीं"। यह बोल कर सुमन...

फैमिली ट्रिप

  बाण गंगा को पीछे छोड़े अभी आधा घण्टा ही हुआ था कि माताजी ने ऐलान किया कि भईया उनसे न हो पाएगा। बहुत विचार...