Phone No.: +917905624735,+919794717099

Email: support@kalamanthan.in

Home Poetries

Poetries

Mithas

" मिठास " दिल में है उभरते अरमान जुबान पे है शक्कर सी मिठास छू जाते हो दिल कॊ शाम होती है तुम बिन उदास || सवालों के चक्कर...

प्रीत – कविता

तुम गीत बनो मेरी प्रीत बनो, तुम मीत बनो मेरी जीत बनो, तुमसे ही मेरा संसार हो रौशन, तुम प्रेम प्रज्ज्वलित ज्योत बनो, गुंजित अंतर्मन की अभिलाषा, आत्मिक प्रणय...

दिल परिंदा

दिल परिंदा दिल तो एक परिंदा है कभी इस डाल तो कभी उस डाल कभी बचपन में गुड्डे गुड़ियों से खेल आता है और कभी जवानी के अपने महबूब...

पाषाणी

पाषाणी जब मैंने महावर रचे पाँवों से  लाँघी थी तुम्हारे घर की चौखट... बनकर लक्ष्मी तुम्हारे घर की,  तब मेरे भाग्य ने ली थी करवट ! “कितना ज़ोर से...

Love

  The feeling divine, matters of the heart. A gleam in the eyes, tugging at the strings. Fresh dawn embracing an angelic start. Flight of the soul with...

प्रकृति – अंत भी मैं हँ आगाज भी मैं सृष्टी के तख्तो-ताज भी मैं।

अंत भी मैं हँ आगाज भी मैं सृष्टी के तख्तो-ताज भी मैं। संगीत भी मैं हँ और साज भी मैं जीवन जीने का अंदाज भी मैं। कण कण...

चााँद अब दूर नहीं – चाँद को आगोश में न ले पाए, तो क्या?

चाँद को आगोश में न ले पाए, तो क्या? फख् उन नजदीकियों का करें । सम्पर्क टूट गया, तो क्या हौसलों की उड़ान फिर से भरें । आज...

क्या बरसे – गीतों के गाँव पगडण्डी भिगोते रेशमी बादल

गीतों के गांव मे पगडण्डी भिगोते रेशमी बादल झूिकर क्या बरसे, रँगकर मुस्कान हर मन को भा गए! केले के बांझ स्तम्भ क़ुबामन होकर उम्मीदों के रेशम से क्या बरसे! शहतूत की शाखों...

संवेदना – कैसे करें अनसुना ? वन्य जीवन की पुकार चीड़ का चचत्कार!

कैसे करें अनसुना ?वन्य जीवन की पुकारचीड़ का चचत्कार! सुलग रहे शिखरदावानल प्रखरजंगली गुलाब कीलताओं का बबलखनापँचियों के उजड़े आशियाने देखभरपूर फूलों से...

Most Read

Lockdown Unlocks sexist India

  The whole world is fighting a tiny enemy which has given sleepless nights to high and mighty along with the poor and weak. This is...

Woman leads the Corona Fight #Together_we_can

  Silver lining amid the Covid-19 darkness. As India is fighting with all its might against Corona threat a Pune based scientist Minal Dakhave Bhosale developed...

हम कब सुधरेंगे

  मालती... गुड़िया कितना समय लगेगा तुम लोगों को, जल्दी करो वरना समय पर नहीं पहुंच पाएंगे?, अवधेश जी ने कहा। "हम तैयार हो चुके हैं...

Quarantined Mom’s !

We are locked down! Yes, the worst of the fears came true and 'it won't happen here" has finally occurred. The world is going through a...