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फ़िरदौस

"मि. यादव" जब नर्स ने मुझे आवाज दी तो मैं चौक उठा। "कुछ प्रोसेजर्स बाकी है हमारी उसके बाद आप बॉडी ले जा सकते है" "बॉडी?...

I’m an outsider and will always be …

  I feel each Daughter (is it?) – in – law ask these few questions to herself on the first day she enters a new...

अल्हड़ से वयस्क

  नादान से जिम्मेदार बनने का एक दौर। उन्मुक्त गगन में उड़ने वाले पंछी से, शांत मातृत्व की गरिमा का सफर। माँ का एक छोटा पर...

मैं नहीं वैदेही

  माना कि तुम हो मर्यादा पुरुषोत्तम की तरह एक अच्छे पुत्र , एक अच्छे भाई,एक अच्छे इंसान। एक आदर्श पुरूष का रूप,जिसे पाने की कल्पना...

अस्तित्व पर थप्पड़

  राम, मुझसे अब नहीं होगा। थक गयी हूँ मैं रोज़ खुद को साबित करते करते। आज जब मैं खुद से पूछती हूँ कि,"कौन हूँ मैं...

A Sweet Sixteen Love Story

  Anupam (Anu) and Meera were merely in their teens when they met in a birthday party organized by Anupam’s elder sister. Meera was a...

Thappad- Of course, He can!

  The changing society and empowered women. That's where we believe to live. We believe that incidents of abuse are not happening to us. It is so...

पहली मुलाक़ात

  दरवाज़ा खुलते ही सूरज की किरणे उसके चेहरे पर पड़ी।सुनहरी किरणे और सुनहरा रूप। रुम नंबर 244 की पेशंट-राधिका "मैं तुम्हारा ही इंतेज़ार कर रही थी",वो...

Nikhoja Krishnakoli – Lost Krishnakali

  Parul, Kaimon aachish tui? (How are you?) Mone podche kothaye dekha aamader ?(Do you remember where we had met). I guess not. I met you in the...

नींद

गर्मियों की छुट्टियाँ शुरू हो चुकी थी और सतीश का जन्मदिन भी आने वाला था. १ जून की सुबह जब वो सो कर उठा...

PiHu

सागर किनारे, दिल ये पुकारे तू जो नहीं तो मेरा कोई नहीं है हो ओ ओ...... सागर किनारे ये गीत दिल में कई जज़्बात जगा देता है,...

Aparichit

सृष्टि रिन के उस बार को बस घूरे जा रही थी। उफ़्फ़, आज 20 तारीख़ ही है, और लगभग पूरा ख़त्म हो गया। अब...

Most Read

अप्रैल माह – कहानी लेखन प्रतियोगिता

क्या लेखन आपकी कल्पना की अभूतपूर्व उड़ान है ? क्या कहानियां एवं कथा साहित्य आपकी रूचि है ? क्या दूसरों की लिखी कहानियों को पढ़ आपको...

इतना शोर इतनी हाय

कल्पना में सत्यता का शब्द पिरोए हम-तुम रोएं, गांव की हो, आंचल ढंकती नहीं क्यों तुम सुहागन हों, चूड़ियां खनकती नहीं ‌क्यों, कामकाजी हो, हर वक्त चलती नहीं...

गुलाब

  रेड लाईट देखते ही पीयूष ने गाड़ी रोकी। आगे-पीछे कुछ और गाडियांँ खड़ी थी। वह रेड लाईट की ओर देख रहा था....उफ्फ! पूरे मिनट...

आधुनिक युग की मीरा – महादेवी वर्मा

रंगोत्सव पर जन्मी,आजीवन श्वेताम्बरा, "छायावाद की सरस्वती " - कवयित्री महादेवी वर्मा बीन भी हूँ मैं, तुम्हारी रागिनी भी हूँ, नींद भी मेरी अचल, निस्पंद कण-कण...