Email: support@kalamanthan.in, editor@kalamanthan.in

Home Short Stories

Short Stories

लाल गुलाब

महिका सोच में डूबी थी, ये लाल गुलाब किसने भिजवाए! बिना नाम पते का छोटा-सा कार्ड इश्क की महक से सुवासित हो रहा था,...

Shaky Shaun

Shaun was a young boy who was afraid of everything. He could not ride a bicycle as he was scared of falling and hurting...

ऑफिशियल गर्लफ्रेंड

एमबीए की क्लास नंबर 12 के सामने से निकलते हुए अमर के पाँव कुछ ठिठक गए। अंदर झाँका, प्रोफेसर सुदेश पढ़ा रहे थे। कमरा...

खुद को एक मौका तो दो |

चेहरे पे लाल बिंदी दोनों भौंवों के बीच लगाते हुए, नारायणी की पलकें कापने लगीं, आईना अनजाना सा लगने लगा, सवाल करने लगा।ये साज...

वेटिंग रूम..

बेटी के ICU में होने की तकलीफ बहुत अंदर तक थी, मैं निराश भी था। पूरा दिन हॉस्पिटल के चक्कर लगाता रहा कागजी कार्यवाही,...

रूह को छुए वही प्यार है

सुबह जैसे ही मेहुल की नींद खुली देखा घड़ी में दस बज गये।उसे आश्चर्य हुआ आज मम्मी ने उसे कैसे इतनी देर तक सोने...

जश्न

पाखि अपने माता पिता की एक मात्र संतान थी।शहर मे उसके पिता जाने माने रेडीमेड कपड़ों के व्यापारी थे। "पाखि गारमेंट्स" के शोरुम शहर...

फैसला

"माँ ! मुझे अनिल ने बताया कि लाल आप का पसंदीदा रंग है। " रश्मि ने अपने पति के द्वारा बतायी गयी बात का...

संजोग

मुसाफिर हूँ यारों ना घर है ना ठिकाना, मुझे चलते जाना है ना जाने क्यों आज जितेंद्र का ये पुराना गाना बहुत याद आ रहा...

नेकी

सुनीता एक बहुत ही छोटे परिवार में जन्मी थी। बारह वर्ष की उम्र में ही उसकी माँ ने उसे बर्तन मांजने के काम में...

PUPPET

  Sam came out of the consulting room almost dead. The words of the oncologist kept echoing in his ears as he walked towards his...

Guardian Angel

  Sarla was furiously mopping the floor hard till the marble tiles and her knuckles both shone white. “Go easy”, said  Mrs Mishra. Sarla looked...

Most Read

अप्रैल माह – कहानी लेखन प्रतियोगिता

क्या लेखन आपकी कल्पना की अभूतपूर्व उड़ान है ? क्या कहानियां एवं कथा साहित्य आपकी रूचि है ? क्या दूसरों की लिखी कहानियों को पढ़ आपको...

इतना शोर इतनी हाय

कल्पना में सत्यता का शब्द पिरोए हम-तुम रोएं, गांव की हो, आंचल ढंकती नहीं क्यों तुम सुहागन हों, चूड़ियां खनकती नहीं ‌क्यों, कामकाजी हो, हर वक्त चलती नहीं...

गुलाब

  रेड लाईट देखते ही पीयूष ने गाड़ी रोकी। आगे-पीछे कुछ और गाडियांँ खड़ी थी। वह रेड लाईट की ओर देख रहा था....उफ्फ! पूरे मिनट...

आधुनिक युग की मीरा – महादेवी वर्मा

रंगोत्सव पर जन्मी,आजीवन श्वेताम्बरा, "छायावाद की सरस्वती " - कवयित्री महादेवी वर्मा बीन भी हूँ मैं, तुम्हारी रागिनी भी हूँ, नींद भी मेरी अचल, निस्पंद कण-कण...