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Short Stories

नेकी

सुनीता एक बहुत ही छोटे परिवार में जन्मी थी। बारह वर्ष की उम्र में ही उसकी माँ ने उसे बर्तन मांजने के काम में...

PUPPET

  Sam came out of the consulting room almost dead. The words of the oncologist kept echoing in his ears as he walked towards his...

Guardian Angel

  Sarla was furiously mopping the floor hard till the marble tiles and her knuckles both shone white. “Go easy”, said  Mrs Mishra. Sarla looked...

ममता की आस

  चंदा है तू , मेरा सूरज है तू बंगले के बगल के मोड़पर पान की दुकान पर रेडियों पर गाना बज रहा था।यूँ तो श्यामा...

Love … Hope… Destiny

Gradually, friendship developed between Ashish and Maya. A friendship based on understanding, respect and trust. Maya was clearing the drawers of her cabinet that was...

Traffic Wizard

Harbadipur is a busy town and is also very true to it’s name. The people there are always in a hurry. Old or young,...

तू तो पैदा ही मनहूस हुई थी

"मीनी मीनी कहां हैं तू" -अपने बेडरूम से चाची ने आवाज लगाई। "चाची मैं खाना खा रही हूं, कहते हुए मीनी चाची के कमरे के...

मैं तुम्हें फिर मिलूँगी

  “यार अमित, तू पागल हो गया है क्या? या तुझे कुछ समझ नहीं आ रहा? कैसी बे सिर पैर की बहकी-बहकी बातें कर रहा...

अंतर्द्वन्द

आज 'निशा 'का दिल जोर जोर से धड़क रहा था। न जाने कितना अंतर्द्वन्द मन में था ।"क्या मैं ग़लत तो नहीं कर रही ।"...

ठहरा हुआ पतझड़

 रैना बीती जाऐ, श्याम ना आये निन्दिया ना आये....... एक सुरीली आवाज ने मेरी निद्रा भङ्ग कर दी लेकिन बुरा नही लगा, वो आवाज थी इतनी...

इत्तफाक

आज उसका दाखिला विश्वविद्यालय में एक शोधकर्ता के रूप में हुआ।सारी औपचारिकताएं पूरी कर थोड़ी बहुत सीनियर्स की खिंचाई भी झेला फिर थक कर...

The Magical Banyan Tree

    Mr Lobhi was a greedy builder. He was loud, rude and arrogant and stayed in a palatial house all by himself. He would buy...

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सवालों पर बेड़ियाँ – पितृसत्ता की तिलमिलाहट

अक्सर सोचती हूँ की न लिखूं। ये रोज़मर्रा की बातें हैं और घटियापन ,ओछेपन और बीमार मानसिकता पर तो जी ही रहें हैं हम। अपने काम...

अंतरज्वाला

इधर कुछ दिनों से अंजलि बैंक से काफ़ी देर से लौटने लगी थी। अंजलि और अजय दोनों कामकाजी थे। अंजलि बैंक में और अजय...

दो दिल मिले चुपके-चुपके

  "निलेश आज जो हुआ वो ठीक नहीं था" " हां सीमा इस बात का मुझे भी एहसास है कि हमसे अन्जाने में बहुत बड़ी गल्ती...

अब बस

  रूपा सुबह सुबह हाँथ में चाय का कप लिए हॉल में बैठकर टीवी देखते हुए चाय पी रही थी कि तभी उसको डोरबेल की...