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Writing Contest

मेरी खुशी

उसका आना मेरे लिए जिंदगी की एक नई शुरुआत थी। "खुशी".. खुशी नाम दिया था मैंने उसे, पता नहीं उसका असली नाम क्या था। जब...

काश ! ये सपना सच हो जाए।

आंख खुलते घड़ी पर नजर गई तो सुबह के छ: बज चुके थे। प्रिया पलंग के पास लगे बटन को दबा, दोनों बच्चो को...

एक सुदृढ़ फैसला

राशि के कानो में सबकी बाते हथौड़े की तरह लग रही थी। फिर भी जाने क्यों कुछ कहने की हिम्मत वो जुटा नहीं पा...

जीवनदायी रोशनदान

6 दिसम्बर 1992 शाम के 6 बज रहे थे हम सब आँगन में बैठ कर चाय पी रहे थे। तभी मेरे बड़े भाई अब्दुल...

गण देवता

बहुत पहले किसी समय किसी नगर में जब भी किसी हाथी ने भोजन की खातिर अपना सूंड फैलाया। वहां के नागरिक अपने सामर्थ्य अनुरूप...

फ़िरदौस

"मि. यादव" जब नर्स ने मुझे आवाज दी तो मैं चौक उठा। "कुछ प्रोसेजर्स बाकी है हमारी उसके बाद आप बॉडी ले जा सकते है" "बॉडी?...

माँ की खुरपी

चारो तरफ सुनहरे रेत से तपती धरती। मैं यहाँ क्यों हूं? कैसे आया? कंठ में सुई की चुभन जाने किस कारण है? अँधियाती लू के थपेड़े...

रिश्ते पूर्ण या आंशिक

  संगीता अपने गायन कक्षा के फॉर्म को देख रही थी। उसकी आंखों से आंसू बह रहे थे ।विवेक ने उसे क्लास ज्वाइन करने के लिए...

मजेदार एनिवर्सरी

"आज खाने में क्या बना रही है बहू?, कंगना जी ने उत्सुकतावश पूछा। "कुछ नहीं माँ जी, आज संडे है तो सोचा चावल, दाल और...

तुम लौट आओ ना

"मुझे एक और मौका दोगी क्या? प्लीज!" अर्जुन ने हिम्मत जुटा कर अंजना को आवाज़ दी। कैफे में टेबल से अपना बैग उठा कर अंजना...

अधूरी दस्ता

रात के अंधेरे में,हवा की तेज रफ्तार के साथ होड़ लगाती। हवा को चीर कर अपने गंतव्य की तरफ तेजी से भागती ट्रेन की...

भोर की किरण

  वो रात कुछ लंबी हो आई थी । बाहर का अंधेरा मन को और अंधेरे से घेर रहा था। चारों तरफ अंधेरा ही अंधेरा...

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वो दौर और प्यार

वो दौर ही कुछ और था। फिजाओं में प्रेम खुशबु की तरह यूँ फैलता था कि बिन बताये चेहरे की चमक देख दोस्त जान...

पितृसत्ता में पिसते पुरुष

नारीवाद या फेमिनिज्म से भी लोगों को गुरेज़ शायद इसीलिए भी है की वो प्रत्येक नारी के पुरुष को और प्रत्येक पुरुष के भीतर...

लड़की लवली तो होनी ही चहिये।

संस्कारो का, यूँ कहिए की एडिटिंग का डर है वरना शुद्ध हिंदी में कुछ परोसने को जी चाहता उनको, जो फेयर मतलब ग्लो के...

आंखो की नमी से बहता काजल

आंखो की नमी से, बहता काजल देखा है कभी ,दर्द का बादल !! काजल के बहने से, होती वो हल चल सासो के सिसकियां में , बदल...